प्रशासन अलर्ट, 17 बाढ़ चौकियां सक्रिय
बांदा, के एस दुबे । मध्य प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश का असर बांदा की केन नदी में साफ देखने को मिल रहा है। बीते 48 घंटों में केन नदी का जलस्तर लगभग तीन मीटर बढ़कर 97.21 मीटर तक पहुँच गया है। हालांकि, नदी का जलस्तर अभी चेतावनी बिंदु 103 मीटर से 5.79 मीटर नीचे है, लेकिन तेजी से बढ़ते पानी को देखकर नदी किनारे बसे गाँवों में बाढ़ की आशंका से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। जलस्तर में वृद्धि से कनवारा, ब्रह्माडेरा, छावनी डेरा, लुक्तरा, मरौली और अमारा समेत 10 से अधिक मजरे और तटीय क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने 17 बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है और पूरे तहसील
क्षेत्र को तीन सेक्टरों में बाँटकर निगरानी बढ़ा दी है। प्रभावित आबादी के लिए पंचायत भवनों और सरकारी स्कूलों को शेल्टर होम के रूप में चिह्नित किया गया है। केन के साथ-साथ यमुना और चंद्रावल नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है। चंद्रावल नदी में आए उफान से श्पड़ोहरा-नांदादेवश् और श्गौरी कलां-अमाराश् संपर्क मार्ग जलमग्न हो चुके हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। एसडीएम पैलानी भूपेंद्र सिंह ने तुर्री नाला पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। तेज बहाव और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नदियों में नावों के संचालन पर सख्त पाबंदी लगा दी गई है। खप्टिहा कलां में मंगलवार को नाव से जाने वाले तीन दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं को सुरक्षा कारणों से वापस घर भेज दिया गया। प्रशासन के अनुसार, केन का खतरे का निशान 104 मीटर है। स्थिति नियंत्रण में है और बाढ़ नियंत्रण कक्ष से लगातार पल-पल की मॉनिटरिंग की जा रही है।


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