न बोर्ड, न सीसीटीवी की व्यवस्था, न ही रवन्ना संबंधी जानकारी—जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी पर सवाल
बांदा, के एस दुबे । पापरेंदा क्षेत्र में संचालित एक बालू डंप को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मौके की तस्वीर में बालू के बड़े-बड़े ढेर और मशीनें दिखाई दे रही हैं, जबकि डंप पर संचालन से संबंधित आवश्यक सूचनाओं वाला बोर्ड नजर नहीं आ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह डंप काफी दिनों तक बंद रहने के बाद दोबारा संचालित हुआ है। आरोप है कि डंप संचालक के पास बालू को डंप करने से संबंधित रवन्ना/अभिलेख और निर्धारित मात्रा की स्पष्ट जानकारी मौके पर प्रदर्शित नहीं है। डंप पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि डंप में दूसरे खंड से लाई गई बालू का भंडारण किया गया है। ऐसे में बालू किस खंड से लाई
गई, कितनी मात्रा में लाई गई और उसके परिवहन के लिए वैध ई-रवाना/दस्तावेज हैं या नहीं, यह जांच का विषय है। यूपी के नियमों के अनुसार खनिज के परिवहन के लिए ई-ट्रांजिट/ट्रांजिट पास का प्रावधान है। हाल में एनजीटी के एक मामले में भी खनन क्षेत्र में वजन व्यवस्था और सीसीटीवी निगरानी को लेकर अनुपालन पर गंभीरता से जोर दिया गया है। अब सवाल यह है कि पापरेंदा में संचालित उक्त डंप वैध अनुमति और निर्धारित मानकों के तहत संचालित हो रहा है या नहीं? यदि वैध है तो संबंधित विभाग द्वारा इसकी अनुमति, स्टॉक की मात्रा और अभिलेखों की स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। वहीं यदि नियमों का पालन नहीं हो रहा है तो कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही, यह भी जांच का विषय है। फिलहाल इसकी वास्तविक स्थिति खनन विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


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