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Sunday, September 20, 2026

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी अनुदेशकों की अनदेखी

एरियर भुगतान और नियमितीकरण की मांग को लेकर बांदा में अनशन शुरू

अम्बेडकर पार्क में राष्ट्रगान के साथ शुरू हुआ क्रमिक अनशन

बांदा, के एस दुबे । परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशक शिक्षकों ने बकाया एरियर भुगतान और नियमितीकरण की मांग को लेकर संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है। 14 वर्षों से अपने विधिक एवं मौलिक अधिकारों से वंचित व्यथित अनुदेशकों ने सोमवार को बांदा जनपद स्थित अम्बेडकर पार्क में प्रथम क्रमिक अनशन आयोजित कर अपना विरोध दर्ज कराया। अनुदेशक शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से न्याय के लिए जारी कानूनी लड़ाई के बाद देश की सर्वाेच्च अदालत ने 4 फरवरी 2026 को 46 पन्नों का ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। अदालत ने अनुदेशकों को नियमित शिक्षक मानते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को बकाया एरियर के साथ तत्काल


प्रभाव से शिक्षकों जैसी वेतन और अन्य सुविधाएं देने का स्पष्ट आदेश दिया था। रिव्यू याचिका खारिजरू राज्य सरकार द्वारा दाखिल की गई पुनर्विचार याचिका  को भी सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुका है।  इसके बावजूद, शासन स्तर से आदेश के अनुपालन के लिए अभी तक कोई शासनादेश जारी नहीं किया गया है, जिससे प्रदेश भर के अनुदेशक निराशा और अवसाद के माहौल में हैं। अनेक बार ज्ञापन और पैरवी के बाद भी सुनवाई न होने पर अनुदेशकों ने अब महात्मा गांधी और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के बताए सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का निर्णय लिया है। 

इसी क्रम में बांदा के अम्बेडकर पार्क में दोपहर 12 बजे राष्ट्रगान के साथ प्रथम क्रमिक अनशन का शुभारंभ हुआ। दोपहर लगभग 2रू15 बजे अनुदेशकों ने एलआईयू के माध्यम से शासन-प्रशासन को अपना ज्ञापन सौंपा। इस क्रमिक अनशन में संगठन के जिलाध्यक्ष चन्द्र सेन सिंह, उपाध्यक्ष शशिकांत, सुधीर कुमार, मंत्री बाल किशन, मनीष कुमार, संयोजक आनन्द यादव, राजकिशोर सचिन, रमाकांत यादव, विवेक यादव, रमेश यादव, विमल कुमार, महेश कुमार और शिवधीर सोनी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। वहीं महिला विंग से अराधना विमल, क्रांति साहू और नीलम देवी सहित बड़ी संख्या में अनुदेशक शिक्षिकाओं ने भी अनशन में सक्रिय सहभागिता निभाई। अनुदेशकों ने चेतावनी दी है कि जब तक सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू कर उनके अधिकारों की रक्षा नहीं की जाती, उनका यह शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।


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