चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : शतरंज की बिसात पर खिलाड़ियों के बीच निष्पक्ष निर्णय कराने वाले जनपद के आकाश पयासी ने जिले का नाम रोशन किया है। वह उत्तर प्रदेश के सबसे कम उम्र के इंटरनेशनल आर्बिटर बने हैं। अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (फिडे) ने अप्रैल 2026 में उन्हें इंटरनेशनल आर्बिटर का लाइसेंस जारी किया। इससे पहले वह 2023 में फिडे आर्बिटर और 2022 में नेशनल इंस्ट्रक्टर की उपाधि हासिल कर चुके हैं। जनवरी 2020 से अब तक आकाश 28 अंतरराष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका निभा चुके हैं। इन प्रतियोगिताओं का आयोजन आठ राज्यों के 11 शहरों में हुआ, जिनमें दिल्ली से भुवनेश्वर तक के आयोजन शामिल हैं। सात
प्रतियोगिताओं में उन्होंने उपमुख्य निर्णायक और तीन में क्षेत्रीय निर्णायक की जिम्मेदारी संभाली। इन प्रतियोगिताओं में करीब 12,184 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। आकाश पयासी निर्णायक के साथ शतरंज प्रशिक्षक भी हैं। दिसंबर 2025 में तीन वर्ष सात माह की उम्र में दुनिया के सबसे कम उम्र के फिडे-रेटेड खिलाड़ी बने सर्वज्ञ सिंह कुशवाहा को तैयार करने वाले दो प्रशिक्षकों में आकाश भी शामिल रहे। वर्ष 2021 में उन्होंने अखिल भारतीय शतरंज संघ का विद्यालयी प्रशिक्षण भी पूरा किया। उनकी उपलब्धियों को देखते हुए एडुकेटर्स फेडरेशन ने उन्हें शिक्षक सम्मान के लिए चुना है। सम्मान समारोह 26 सितंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में होगा।


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