तीन दिवसीय शरदोत्सव का हुआ समापन
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । तीन दिवसीय शरदोत्सव के अंतिम दिन इंडियन आइडल फेम गायक पवनदीप राजन व अरुणिता कांजीलाल ने अपनी शानदार गायकी से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस सांस्कृतिक संध्या का आयोजन दीनदयाल शोध संस्थान, मध्यप्रदेश संस्कृति संचालनालय और जिला प्रशासन सतना के सहयोग से हुआ। दर्शक गुलाबी ठंड में देर रात तक संगीत के सुरों में डूबे रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अरुणिता कांजीलाल के भजन ठुमक चलत रामचंद्र से हुआ। इसके बाद उन्होंने आने वाला कल, अगर तुम साथ हो, तेरी दुआ सुन ले जरा जैसे गानों की प्रस्तुतियां दी। जिसने दर्शकों का दिल जीत लिया। पवनदीप राजन ने भी जो तुम ना हो और कैसे हुआ जैसे गीतों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उनकी प्रस्तुतियों पर तालियों और सीटियों की गूंज रातभर सुनाई देती रही। इस भव्य आयोजन में मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, राज्यमंत्री कृष्णा गौर, विधायक रीति
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| पत्रकारों से बात करते पवनदीप-अरुणिता। |
पाठक समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। उपमुख्यमंत्री ने नानाजी देशमुख के योगदान की सराहना की। कहा कि उनके प्रयासों से चित्रकूट और आसपास के क्षेत्रों में विकास की नई राहें खुलीं। दीनदयाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय संगठन सचिव अभय महाजन ने इस आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह लोक संस्कृति और लोककलाओं को संरक्षित करने का प्रयास है। तीन दिन तक चले इस उत्सव में फतेहपुर, झांसी, सतना, पन्ना जैसे दूरदराज इलाकों से हजारों लोग शामिल हुए। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी शरदोत्सव में कई ख्यातिप्राप्त कलाकारों ने अपने प्रदर्शन से दर्शकों का मन मोह लिया, जिनमें अनुराधा पौडवाल, सुरेश वाडेकर, कैलाश खेर और उदित नारायण जैसे मशहूर नाम शामिल रहे।


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