फतेहपुर, शमशाद खान । कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान हुए लाकडाउन में खड़ी प्राइवेट बस स्वामियों की समस्याओं को लेकर शनिवार को जिला प्राइवेट बस एसासिएशन के पदाधिकारियों ने परिवहन आयुक्त को ज्ञापन भेजा। जिसमें समस्याएं गिनाते हुए सभी का निस्तारण कराये जाने की आवाज बुलन्द की।
जिला प्राइवेट बस एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष फरहत अली सिद्दीकी की अगुवई में पदाधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपर जिलाधिकारी के माध्यम से परिवहन आयुक्त को भेजे गये ज्ञापन में बताया कि कोविड-19 के कारण चल रहे लाकडाउन की वजह से जिले की सम्पूर्ण लगभग 315 प्राइवेट बसों का 22 मार्च से संचालन रूका हुआ है। केन्द्र व प्रदेश सरकार के अनुरोध का पालन करते हुए वाहन स्वामियों द्वारा बसों के चालकों एवं परिचालकों का वेतन भी दिया
जा रहा है। उक्त वाहनों क संचालन रोके जाने के बाद भी शासन द्वारा वाहन स्वामियों से बसों का याचीकर वसूला जा रहा है जो गलत है। ऐसी स्थिति में उसे माफ किया जाना आवश्यक है। माह जुलाई में बसों को स्वामीगण बरसात के कारण समर्पित करना चाहते हैं। ऐसी स्थिति में कोरोना वायरस की अवधि को दृष्टिगत रखते हुए बगैर याचीकर जमा किये समर्पित करवाया जाये, यदि जुलाई माह से प्राइवेट बसों का मार्गों को संचालन की अनुमति दी जाती है तो सम्पूर्ण बसों का यात्रीकर पचास प्रतिशत दिसम्बर तक माफ किया जाये, वाहन संचालन रोके जाने के दौरान कोविड-19 की अवधि मार्च से तीस जून तक के बीमा की अवधि चार माह बढ़ाई जाये, प्राइवेट बसों की समर्पित की अवधि एक वष्र में तीन माह की अवधि की जगह छह माह किया जाये, भविष्य में यात्रीकर सम्पूर्ण बसों का दिसम्बर तक पचास प्रतिशत माफ किया जाये। इस मौके पर जितेन्द्र सिंह, रजोल, संतोष मिश्रा, जितेन्द्र वर्मा, रामवीर, अजय अवस्थी आदि मौजूद रहे।
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| एडीएम को ज्ञापन सौंपते प्राइवेट बस एसोसिएशन के अध्यक्ष। |


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