शिक्षकों की रोजी-रोटी पर हमला
आंदोलन की चेतावनी
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि । जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय के अष्टावक्र सभागार रविवार को शिक्षकों की हुंकार से गूंज उठा। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जनपदीय सम्मेलन में प्रांतीय अध्यक्ष डॉ दिनेश चंद्र शर्मा ने सरकार को चेताया कि टीईटी रूपी अंधा कानून वापस लो, वरना दिल्ली की सड़कों पर ऐतिहासिक आंदोलन होगा। उन्होंने कहा कि 2009 में बने कानून के बाद टीईटी को अनिवार्य कर दिया गया, लेकिन अब पहले से नियुक्त शिक्षकों पर यह अनिवार्यता थोपना सीधा अन्याय है। डॉ शर्मा ने कहा कि इस कानून ने शिक्षकों में भय का माहौल पैदा कर दिया है, मानो उन्हें आत्महत्या की ओर धकेला जा रहा हो। प्रदेश अध्यक्ष ने
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| विश्वविद्यालय के अष्टावक्र सभागार में मौजूद शिक्षक संघ प्रतिनिधि |
ललकारते हुए कहा अब तक लड़ाई सुविधाओं की थी, मगर अबकी लड़ाई रोजी-रोटी की है। संघर्ष ही हमारा हथियार है और इसी से हमें हर बार जीत मिली है। प्रदेशीय महामंत्री संजय सिंह ने संगठन को मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई, वहीं शिक्षक महासंघ के प्रदेश संयोजक एवं पूर्व एमएलसी सुरेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि जब-जब सरकार ने शिक्षकों पर अन्याय किया है, तब-तब संगठन ने उसे झुकाया है। सम्मेलन में प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष राधे रमण त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष शिवशंकर पांडेय सहित कई पदाधिकारियों ने शिक्षकों को संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार पांडेय ने सभी अतिथियों का आभार जताया। करीब दो हजार शिक्षकों की उपस्थिति में हुआ यह सम्मेलन न केवल चेतावनी, बल्कि एकजुटता का उद्घोष बन गया।
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