महोखर गांव में श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह का अंतिम दिन
बांदा, के एस दुबे । महोखर गांव में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन मंगलवार को कथा व्यास पंडित शिवम जी महाराज ने सुदामा चरित्र व सुखदेव विदाई का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि मित्रता में गरीबी और अमीरी नहीं देखनी चाहिए। मित्र एक दूसरे का पूरक होता है। भगवान कृष्ण ने अपने बचपन के मित्र सुदामा की गरीबी को देखकर रोते हुए अपने राज सिंहासन पर बैठाया और उन्हें उलाहना दिया कि जब गरीबी में रह रहे थे तो
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| मौजूद श्रोतागण |
अपने मित्र के पास तो आ सकते थे, लेकिन सुदामा ने मित्रता को सर्वोपरि मानते हुए श्रीकृष्ण से कुछ नहीं मांगा। उन्होंने बताया कि सुदामा चरित्र हमें जीवन में आई कठिनाइयों का सामना करने की सीख देता है। सुदामा ने भगवान के पास होते हुए अपने लिए कुछ नहीं मांगा। अर्थात निस्वार्थ समर्पण ही असली मित्रता है। कथा के दौरान परीक्षित मोक्ष व भगवान सुखदेव की विदाई का वर्णन किया गया। कथा के बीच-बीच में भजनों पर श्रद्धालुओं ने नृत्य भी किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला पुरुष श्रोता मौजूद थे। कथा वाचक शिवम जी महाराज ने बताया कि भागवत कथा का श्रवण से मन आत्मा को परम सुख की प्राप्ति होती है। भागवत में बताए उपदेशों उच्च आदर्शों को जीवन में ढालने से मानव जीवन जीने का उद्देश्य सफल हो जाता है। सुदामा चरित्र के प्रसंग में कहा कि अपने मित्र
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| कथा सुनाते आचार्य शिवम। |
का विपरीत परिस्थितियों में साथ निभाना ही मित्रता का सच्चा धर्म है। मित्र वह है जो अपने मित्र को सही दिशा प्रदान करे,जो कि मित्र की गलती पर उसे रोके और सही राह पर उसका सहयोग दे। श्रीमद् भागवत पुराण मूल पाठ पूजा अर्चन पंडित सत्येंद्र तिवारी द्वारा संपन्न हुआ, संगीत मंच पर करन सिंगर एवं आर्गन प्लेयर, तबला वादक अमित मिश्रा, कृष्णा शुक्ला पैड प्लेयर आदि कलाकारों ने भजनों के माध्यम से संपूर्ण पांडाल को भक्तिमय कर दिया। कथा के मुख्य यजमान श्रीमती पन्नू देवी हरिशरन यादव, संतोष यादव रमेश यादव, ने परिवार रिश्तेदारों एवं इष्टमित्रों सहित कथा श्रवण किया।



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