चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : जिला अस्पताल एवं खोह अस्पताल में सिजेरियन प्रसव के नाम पर सुविधा शुल्क लिए जाने के आरोपों की जांच डीएम के निर्देश पर बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी देवी प्रसाद पाल ने की। जिसमें अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं ने किसी तरह की अवैध वसूली किए जाने से साफ इंकार कर दिया। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि इस प्रकरण की जांच तीन सदस्यीय चिकित्सीय समिति कर रही है। जांच में प्राप्त तथ्यों एवं निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। सीडीओ ने मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ महेन्द्र त्रिपाठी के साथ जिला चिकित्सालय सोनेपुर में जननी सुरक्षा वार्ड में भर्ती 24 मरीजों में से पांच लाभार्थियों और उनके स्वजन से बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान लाभार्थी विनीता देवी, राशि, मन्तो देवी, गोमती यादव और सुमन देवी ने अधिकारियों को बताया कि अस्पताल में उनकी उचित देखभाल हो रही है। उन्हें निःशुल्क दवा और भोजन मिल
रहा है तथा चिकित्सक नियमित रूप से मरीजों को देख रहे हैं। सभी ने किसी भी कर्मचारी द्वारा पैसे लिए जाने से इन्कार किया। अधिकारियों ने वार्ड आया, स्टाफ नर्स और संबंधित चिकित्सकों से भी बातचीत की तथा सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए। सुविधा शुल्क लिए जाने के मामले की जांच के लिए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने तीन सदस्यीय चिकित्सकीय समिति गठित की है। इसमें वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. आरबी पाल, डॉ. हरिश्चंद्र अग्रवाल और परामर्शदाता डॉ. ऋषि कुमार शामिल हैं। समिति को जांच कर शीघ्र रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद सीडीओ और सीएमओ ने अस्पताल में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) और सतना-चित्रकूट विकास प्राधिकरण (साडा) द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की प्रगति भी देखी। उन्होंने पंजीकरण काउंटर, अग्निशमन के लिए पानी की टंकी, छत की फाल्स सीलिंग और सुंदरीकरण कार्य का अवलोकन किया गया। इस दौरान अवर अभियंता ज्ञानेंद्र बहादुर सिंह मौजूद रहे।


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