पोषण से जुड़ी सामग्री में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
चित्रकूट, सुखेन्द्र अग्रहरि : बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को उपलब्ध कराए जाने वाले टेक होम राशन (टीएचआर) की गुणवत्ता और उत्पादन व्यवस्था को परखने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी अरुण कुमार पाण्डेय ने रविवार को मऊ स्थित प्रेरणा लघु उद्योग स्वयं सहायता समूह की ओर से संचालित टीएचआर प्लांट का औचक निरीक्षण किया। डीपीओ के अचानक प्लांट पहुंचने से कर्मचारियों में हलचल मच गई। उन्होंने प्लांट में चल रहे उत्पादन से लेकर सामग्री की गुणवत्ता, पैकिंग, स्वच्छता, उपलब्ध स्टॉक और आपूर्ति व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान प्लांट में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं पूरी सक्रियता के साथ पोषण सामग्री तैयार करती मिलीं। यहां मीठी एवं नमकीन दलिया, आटा-बेसन के लड्डू सहित अन्य पोषण सामग्री तैयार कर
निर्धारित प्रक्रिया के तहत पैकेट में पैक किए जा रहे थे। डीपीओ ने उत्पादन स्थल पर पहुंचकर तैयार की जा रही सामग्री की गुणवत्ता देखी और उसमें इस्तेमाल होने वाले विभिन्न खाद्य पदार्थों की भी जांच की। उन्होंने ’’विटामिन, तेल, मूंगफली, दाल और गेहूं’’ के सैंपल का परीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने प्लांट में सामग्री के रखरखाव, उत्पादन प्रक्रिया और पैकिंग व्यवस्था की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान प्लांट में उत्पादन कार्य संचालित पाया गया। अधिकारियों के अनुसार प्लांट से संबंधित सभी बिलों का भुगतान किया जा चुका है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने प्लांट कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उत्पादन स्थल पर स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पोषण सामग्री तैयार करने के दौरान साफ-सफाई, कच्चे माल के रखरखाव, उत्पादन स्थल और पैकिंग क्षेत्र की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। खाद्य सामग्री होने के कारण इसके रखरखाव में थोड़ी सी भी लापरवाही लाभार्थियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। उन्होंने निर्देश दिया कि प्लांट में तैयार होने वाली प्रत्येक सामग्री निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। उत्पादन से लेकर पैकिंग और आंगनवाड़ी केंद्रों तक आपूर्ति की पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखी जाए। डीपीओ ने उत्पादन व्यवस्था को नियमित और प्रभावी बनाए रखने के लिए दिन और रात दोनों पालियों में कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ’’दोनों पालियों में आठ-आठ घंटे उत्पादन’’ कराया जाए, जिससे मऊ और पहाड़ी विकासखंड के आंगनवाड़ी केंद्रों को प्रतिदिन आवश्यकता के अनुसार टेक होम राशन की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर टीएचआर की उपलब्धता प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए उत्पादन और आपूर्ति के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्य किया जाए। मांग के अनुरूप समय से उत्पादन और पैकिंग पूरी कराकर सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान डीपीओ ने प्लांट में उपलब्ध सामग्री की एक्सपायरी तिथि, भंडारण व्यवस्था और पैकेटों की स्थिति को भी देखा। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से उत्पादन और आपूर्ति से जुड़ी जानकारी ली। साथ ही यह भी देखा कि तैयार सामग्री को किस प्रकार सुरक्षित रखा जा रहा है और पैकिंग के बाद उसकी आपूर्ति की व्यवस्था क्या है। उन्होंने निर्देश दिया कि पुरानी अथवा एक्सपायरी के करीब पहुंच रही सामग्री को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए। खाद्य सामग्री के भंडारण और उपयोग में निर्धारित प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जाए।जिला कार्यक्रम अधिकारी अरुण कुमार पाण्डेय ने कहा कि टीएचआर सामान्य खाद्य सामग्री नहीं है, बल्कि यह आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से ’’बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के पोषण’’ के लिए उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में इसकी गुणवत्ता में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।उन्होंने प्लांट से जुड़े कर्मचारियों और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को निर्देशित किया कि उत्पादन के दौरान निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए। साफ-सफाई, गुणवत्ता, पैकिंग और समय से आपूर्ति इन सभी बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण पोषण सामग्री पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। निरीक्षण के दौरान प्लांट की कार्यप्रणाली, उत्पादन व्यवस्था, कच्चे माल की उपलब्धता, तैयार पोषण सामग्री, पैकिंग, एक्सपायरी और स्वच्छता समेत विभिन्न व्यवस्थाओं का सघन जायजा लिया गया। डीपीओ ने संबंधित कर्मियों को दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा।


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