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Friday, February 13, 2026

सात तारीख तक मानेदय भुगतान न हुआ तो नो-पे और नो-वर्क का रुख अपनाएंगे संविदा कर्मी

एनएचएम के संविदा कर्मचारियों ने मानदेय भुगतान में देरी पर जताई नाराजगी, डीएम को सौंपा ज्ञापन

बांदा, के एस दुबे । उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एनएचएम के संविदा कर्मचारियों के मानदेय भुगतान में लगातार हो रही देरी के खिलाफ जिले के एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर समय से मानदेय भुगतान कराए जाने और अन्य समस्याओं का समाधान कराए जाने की मांग की। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियो के मानदेय भुगतान में हो रही लगातार देरी के खिलाफ जिला अधिकारी को संविदा कर्मचारियों ने दिया लिखित शिकायत पत्र ,जिसमें जिला अध्यक्ष डॉ. मिलेन्द्र सिंह और जिला महामंत्री शोभित गुप्ता के हस्ताक्षर हैं। ज्ञापन जिलाधिकारी बांदा के माध्यम से भेजा गया है। प्रदेश भर में करीब 1.50 लाख संविदा कर्मचारी जुलाई 2025 से मासिक मानदेय समय पर नहीं पा रहे हैं। एक माह का भुगतान दो माह

जिलाधिकारी को ज्ञापन देने आए संविदा कर्मचारी

या अधिक समय बाद मिल रहा है। एसएनए सापर्श पोर्टल के बाद 'लिमिट शून्य', 'बिल फेल' या 'बजट अनुपलब्धता' जैसे कारण बताए जा रहे हैं। इससे कर्मचारियों को गंभीर आर्थिक व मानसिक संकट का सामना करना पड़ रहा है, कुछ मामलों में आत्महत्या के प्रयास भी सामने आए हैं। संविदा कर्मचारियों ने सभी संविदा कर्मचारियों का मानदेय हर माह की सात तारीख तक अनिवार्य भुगतान करने, तकनीकी/प्रशासनिक समस्याओं (बिल फेल, लिमिट आदि) का स्थायी समाधान के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने, सभी लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान करने, भविष्य में विलंब न हो, इसके लिए समयबद्ध भुगतान की एसओपी जारी किए जाने की मांग की चेतावनी दी कि अगर सात तारीख तक भुगतान सुनिश्चित नहीं हुआ, तो जिले के सभी संविदा कर्मचारी 'नो पे - नो वर्क' का रास्ता अपनाएंगे। यह समस्या पूरे उत्तर प्रदेश में व्याप्त है, जहां विभिन्न जिलों (जैसे बलिया, कुशीनगर, सोनभद्र, सुल्तानपुर, हरदोई आदि) में इसी तरह के प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। प्रांतीय स्तर पर भी संगठन ने कई बार वार्ता और पत्राचार किया, लेकिन कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है।


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