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Friday, February 13, 2026

“सूचना, जागरूकता और शिक्षा प्रदान करने का माध्यम है रेडियो” — कुलसचिव ज्ञानेंद्र शुक्ल

देवेश प्रताप सिंह राठौर 

उत्तर प्रदेश झांसी भास्कर इंस्टीट्यूट में विश्व रेडियो दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया

झांसी। भास्कर इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म, मीडिया लैब एवं रिसर्च सेंटर में विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और मीडिया क्षेत्र से जुड़े लोगों की सक्रिय भागीदारी रही। मुख्य अतिथि के रूप में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री ज्ञानेंद्र शुक्ल उपस्थित रहे। अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान रेडियो की भूमिका को याद करते हुए कहा कि रेडियो ने उन्हें समसामयिक घटनाओं, विश्लेषण और महत्वपूर्ण जानकारियों से निरंतर जोड़े रखा। उन्होंने कहा कि “रेडियो बिना किसी विचलन के सूचना, जागरूकता और शिक्षा प्रदान करता है।”


उन्होंने आगे कहा कि रेडियो आम आदमी का सशक्त जनमाध्यम है। गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों में आज भी रेडियो की पहुंच प्रभावी है। इसलिए अनौपचारिक शिक्षा के माध्यम के रूप में इसकी भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। श्री शुक्ल ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे रेडियो की संभावनाओं को समझें और इसे रचनात्मक रूप से प्रयोग करें। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभाग के समन्वयक डॉ. कौशल त्रिपाठी ने की। उन्होंने बताया कि विश्व रेडियो दिवस वर्ष 2011 से मनाया जा रहा है, जब संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा इसकी घोषणा की गई। उन्होंने जानकारी दी कि 13 फरवरी 1946 को संयुक्त राष्ट्र रेडियो की शुरुआत हुई थी, जिसकी स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है। डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि डिजिटल युग में भी रेडियो अपनी विश्वसनीयता और सरलता के कारण प्रासंगिक बना हुआ है।

कार्यक्रम में डॉ. जय सिंह, डॉ. राघवेंद्र दीक्षित, उमेश शुक्ला, डॉ. अभिषेक कुमार, अतीत विजय, गोविंद यादव, देवेंद्र सिंह तथा बीए (एमसीजे) प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों की विशेष उपस्थिति रही। विद्यार्थियों ने रेडियो की उपयोगिता, सामुदायिक रेडियो की भूमिका और बदलते मीडिया परिदृश्य में इसकी संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए।

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